Uttarakhand General Knowledge

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ISBN: 978-93-5012-578-6
AUTHOR NAME: Satya Prakash Singh
EDITION: 2027
BOOK CODE: R-420
MEDIUM: Hindi
FORMAT: Paper Back
PAGES: 208
SIZE: 5.5 × 8.5 inch
PUBLISHING DATE: May 2026

Rs. 120/-

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इस अनुपम पुस्तक ‘उत्तराखंड सामान्य ज्ञान’ की रचना विशेष रूप से उन पाठकों के लिए की गई है जो भारत के इस अति-महत्त्वपूर्ण प्रदेश के विषय में विभिन्न कारणों, जैसे-प्रतियोगी परीक्षाओं, नौकरी, व्यवसाय, पर्यटन, तीर्थाटन अथवा अन्य प्रयोजनों हेतु विस्तृत एवं गहन जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं।
पुस्तक का प्रमुख उद्देश्य उत्तराखंड से संबंधित व्यापक जानकारी को एक क्रमबद्ध, व्यवस्थित एवं उपयोगी रूप में प्रस्तुत करना है। पुस्तक पूर्णतः सरल एवं पाठक-मित्रवत् रूप में प्रस्तुत की गई है जिससे कि पाठकों को प्रदेश के सामान्य ज्ञान के सभी मुख्य पहलुओं से भली प्रकार अवगत करवाया जा सके और उनकी जानकारी को अद्यतन (Up-to-date) बनाया जा सके।
पुस्तक इस पावन प्रदेश संबंधी विभिन्न विषयों एवं प्रकरणों की एक इंद्रधनुषी झलक प्रस्तुत करती है। इसमें विभिन्न विषयों पर महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ उपलब्ध करवाई गई हैं, जैसे-इतिहास, भूगोल, शासन-व्यवस्था, संस्कृति, अर्थव्यवस्था, कृषि, शिक्षा, वन, पर्यटन, जनसंख्या तथा उद्योग आदि। पाठकों को प्रतिस्पर्धा में अन्य प्रतियोगियों से आगे रखने के लिए पुस्तक में नवीनतम व्यक्ति परिचय तथा समसामयिक घटनाक्रम एवं बहुसंख्य वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर भी उपलब्ध करवाए गए हैं।
पुस्तक के प्रत्येक पृष्ठ में उत्तराखंड संबंधी नवीनतम सामान्य ज्ञान का बहु-उपयोगी कोष संचित किया गया है जो यथार्थ ही इसे ‘गागर में सागर’ सिद्ध करेगा।

  • Rajya Sarkar; Vidhaan Sabha Sadasya; Samsamyik Ghatnakram; Uttarakhand: Ek Sankshipt Parichay; Uttarakhand ka Itihaas; Prakritik Rooprekha, Jalvayu va Mitti; Shasan Vyavastha; Van tatha Pashu-Pakshi; Nadiyaa evam Jheelein; Krishi evam Sinchayi; Khanij Padarth; Pramukh Rashtriye Park evam Abhyaran; Pramukh Mele va Tyohaar; Prasidh Mandir; Anusuchit Jaatiyaa va Janjatiyaa; Pratham, Bada, Lamba tatha Uncha; Nyay Vyavastha; Rajyapal; Mukhemantri; Shiksha Pranali; Udhyog; Pramukh, Dharmik, Etihaasik tatha Paryatan Sthal; Jansankhya evam Kshetrafal; Uttarakhand: Kala evam Sanskriti; Parivahan ke Sadhan; Urjaa Sansadhan; Pradesh ki Arthvyavastha; Zilo ka Sankshipt Parichay; Vividh; Vyakti Parichay; Vastunisht Prashan-Uttar.

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