| ISBN: | 978-93-5012-687-5 |
| AUTHOR NAME: | Naunihal Saini |
| EDITION: | 33rd |
| BOOK CODE: | R-375 |
| MEDIUM: | Hindi |
| FORMAT: | Paper Back |
| PAGES: | 408 |
| SIZE: | 5.5 × 8.5 inch |
| PUBLISHING DATE: | Apr 2021 |
Rs. 170/-
इस अमूल्य पुस्तक ‘शीघ्र गणित’ (Quicker Arithmetic) की रचना विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर की गई है, जो कि विभिन्न शिक्षा संस्थानों एवं चयन बोर्डों द्वारा आयोजित की जाती हैं, जैसे कि NDA, CDS, Bank PO/Clerks, SSC, RRB, CAT, MBA तथा अन्य सभी परीक्षाएँ जहाँ भी गणित विषय चयन परीक्षा का एक महत्त्वपूर्ण अंग होता है।
पुस्तक का मुख्य उद्देश्य इस जटिल विषय को एक सरल, व्यवस्थित एवं उपयोगी रूप में प्रस्तुत करना है। यह एक ऐसा विषय है जो प्रायः तीक्ष्ण बुद्धि-प्रयोग एवं गहन अभ्यास द्वारा ही सीखा जा सकता है। पुस्तक एक सरल एवं पाठक-मित्रवत् रूप में प्रस्तुत की गई है जिससे कि पाठकों को इस विषय की सरल विधियों एवं सूत्रों से अवगत करवाया जा सके तथा उन्हें पर्याप्त अभ्यास द्वारा इसमें निपुण बनाया जा सके।
इस पुस्तक के समुचित अध्ययन द्वारा पाठक स्वतंत्र रूप से अपनी गणित परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे। पुस्तक में इस विषय के प्रायः सभी अंगों पर पर्याप्त संख्या में प्रश्न व्याख्यात्मक उत्तरों के साथ दिए गए हैं। इससे पाठकों को प्रश्नों को हल करने के सरल तरीकों का ज्ञान होगा जो कि उनकी प्रश्नों को हल करने की क्षमता तथा गति में अपेक्षित सुधार लाएगा।
पुस्तक सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों, जिज्ञासु विद्यार्थियों एवं अन्य पाठकों के लिए अति-उपयोगी सिद्ध होगी।
Adhyaay-1 : Sankhyaein; Adhyaay-2 : Mahattam Samapvartak tatha Laghuttam Samapvartya; Adhyaay-3 : Vargmool tatha Ghanmool; Adhyaay-4 : Sankhyaon ka Sarlikaran; Adhyaay-5 : Pratishat; Adhyaay-6 : Laabh or Haani; Adhyaay-7 : Sadharan Byaaj; Adhyaay-8 : Chakravradhi Byaaj; Adhyaay-9 : Sajha; Adhyaay-10 : Ausat; Adhyaay-11 : Anupaat, Samanupaat aur Samanupaati Bhaag; Adhyaay-12 : Samay, Kaarya aur Mazdoori; Adhyaay-13 : Samay tatha Doori; Adhyaay-14 : Stock tatha Share; Adhyaay-15 : Kshetramiti; Adhyaay-16 : Saarni tatha Graph; Adhyaay-17 : Vividh Prashnavali; Adhyaay-18 : Vidhyarthiyon ke liye kuch mahatvapoorna prashan.