| ISBN: | 978-93-87918-13-9 |
| AUTHOR NAME: | Ramnath Gupta |
| EDITION: | 2022 |
| BOOK CODE: | M-5 |
| MEDIUM: | Hindi |
| FORMAT: | Paper Back |
| PAGES: | 40 |
| SIZE: | 5.5 × 8.5 inch |
| PUBLISHING DATE: | May 2018 |
Rs. 30/-
महर्षि जैमिनी व्यासदेवजी के पाँच प्रधान शिष्यों में से एक थे और सामवेद के आचार्य थे। इन्होंने कई प्रसिद्ध पुस्तके लिखी हैं, जिनमें से एक ‘जैमिनीय महाभारत’ भी है, जो व्यासजी की महाभारत से भिन्न रचना है। वर्तमान में इस पुस्तक का केवल ‘आश्वमेधिक पर्व’ ही उपलब्ध है। इसमें कुछ कथाएँ व्यासजी-रचित ‘महाभारत’ में नहीं हैं। प्रस्तुत पुस्तक में जैमिनी ऋषि की इस पुस्तक का सार प्रस्तुत किया गया है और श्रीकृष्ण-सम्बंधित कुछ घटनाएँ ही दी गई हैं। इसमें भगवान के कुछ भक्तों (सुधन्वा, मयूरध्वज, वीरवर्मा, आदि) की बड़ी ही प्रेरणाप्रद कथाएँ सम्मिलित हैं।
पुस्तक में यथासंभव चित्रों का समावेश किया गया है, जिससे पुस्तक अधिक रोचक बन सके।
आमुख; श्रीकृष्ण-भीम का हास-परिहास; अनुशाल्व के साथ युद्ध; सुधन्वा की कथा; बभ्रुवाहन के हाथों अर्जुन की मृत्यु और श्रीकृष्ण का उसे जीवन दान देना; ताम्रध्वज से युद्ध और उसकी विजय; मयूरध्वज के शरीर का आरे से चीरा जाना; राजा वीरवर्मा की कथा; राजा चन्द्रहास की कथा; जयद्रथ-पुत्र को जीवन दान; नारदजी की विनोदप्रियता और श्रीकृष्ण की व्यापकता; अश्व-वध; दो ब्राह्मणों का झगड़ा; जैमिनी ऋषि।