| ISBN: | 978-93-87918-39-9 |
| AUTHOR NAME: | Ramnath Gupta |
| EDITION: | 2022 |
| BOOK CODE: | M-8 |
| MEDIUM: | Hindi |
| FORMAT: | Paper Back |
| PAGES: | 48 |
| SIZE: | 5.5 × 8.5 inch |
| PUBLISHING DATE: | May 2018 |
Rs. 40/-
गीता भगवान श्रीकृष्ण का अर्जुन को दिया गया अनमोल उपदेश है, जब वह महाभारत युद्ध के दौरान, अपने क्षत्रिय धर्म को त्याग कर युद्ध करने से विमुख हो रहे थे। श्रीकृष्ण का यह उपदेश मनुष्य को अपना निर्धारित कर्तव्य करने की राह दिखाता है; आत्मा की अमरता और उसकी गति का निरूपण करता है; समाज में मनुष्यों के विविध प्रकार बताता है; भक्तियोग, ज्ञानयोग और कर्मयोग की महिमा की व्याख्या करता है और सफल जीवन जीना सिखाने के साथ ही यह संदेश देता है कि भगवान की शरणागति ही संसार-सागर को पार करने का सर्वोत्तम उपाय है।
गीता सम्पूर्ण उपनिषदों का सार है। कहा गया है कि उपनिषद् यदि गाएँ हैं, तो गीता उनका दूध है। गीता का यह उपदेश इतना गूढ़ और सारगर्भित है कि एक साधारण मनुष्य के लिए इसे समझ पाना अत्यंत कठिन है। इस ग्रंथ के दुरूह विषय को सुगम बनाने हेतु भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के मध्य हुए संवाद को लिखा है, अर्थात् वे दोनों जो बातचीत कर रहे हैं, उसे पाठकों को सरल शब्दों में बताया गया है। यह एक नई शैली है, जिससे यह उपदेश सर्वसाधारण द्वारा सरलता से ग्रहण किया जा सकता है और इसे समझने में अधिक कठिनाई अनुभव नहीं होगी।
इस उपदेश के दौरान भगवान ने अर्जुन को अपनी जो विभूतियाँ बताई हैं, उनसे सम्बंधित यथासंभव चित्र दिए गए हैं, जिससे वे बोधगम्य बन गई हैं।
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