| ISBN: | 978-93-5012-615-8 |
| AUTHOR NAME: | RPH Editorial Board |
| EDITION: | 32 |
| BOOK CODE: | R-474 |
| MEDIUM: | Hindi |
| FORMAT: | Paper Back |
| PAGES: | 256 |
| SIZE: | 4.75 × 7.25 inch |
| PUBLISHING DATE: | Apr 2025 |
Rs. 110/-
इस अनुपम पुस्तक की रचना विभिन्न वर्ग के पाठकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर की गई है। पुस्तक विभिन्न शैक्षिक तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अति-उपयोगी है।
निबन्ध लेखन एक कला है जो प्रायः गहन अध्ययन तथा अभ्यास द्वारा ही सीखी जा सकती है। पुस्तक का मुख्य उद्देश्य पाठकों में रचनात्मक प्रवृत्ति का विकास करना एवं उन्हें प्रभावी एवं सुस्पष्ट निबंध लिखने के लिए प्रेरित करना है। इसमें तार्किक रूप से अनुक्रम में लिखने की कला पर विशेष बल दिया गया है।
पुस्तक एक सरल एवं पाठक-मित्रवत् रूप में प्रस्तुत की गई है जिससे कि सभी प्रकार के पाठक उत्तम निबन्ध लिखने की कला आसानी से समझ एवं सीख सकें। पुस्तक अवश्य ही जिज्ञासु विद्यार्थियों एवं प्रबुद्ध पाठकों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए अति-उपयोगी सिद्ध होगी।
NIBANDH LEKHAN; Naveentam Vishay; Vigyan se Sambandhit; Rashtriya Samasyayein; Prakratik Aapdaayein; Desh ke Pramukh Parv; Mahapurush; Kalpanatamak Vishay par Nibandh; Atmkathatmak Nibandh; Hindi Sahitya evam Sahityasevi; Vividh Nibandh; Patra aur Aavedan-Patra Lekhan; Anuchhed Lekhan; Samvad Lekhan; Apathit Gadhaansh; Sankshiptikaran; Vyakaran
MRP: Rs. 35/-