| ISBN: | 978-93-5012-844-2 |
| AUTHOR NAME: | Tarun Engineer |
| EDITION: | 2022 |
| BOOK CODE: | R-1837 |
| MEDIUM: | Hindi |
| FORMAT: | Paper Back |
| PAGES: | 192 |
| SIZE: | 5.5 × 8.5 inch |
| PUBLISHING DATE: | May 2016 |
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यहां अपने अवचेतन मस्तिष्क को चमत्कार करने वाली फ्रीक्वेंसी पर सैट करें। आपका अवचेतन मस्तिष्क आपका सेन्ट्रल प्रॉसेसिंग यूनिट है। इसलिए किसी भी चीज को हासिल करने के लिए मस्तिष्क की री-प्रोग्रामिंग करें। उसके बाद वह चीज पिक्चर की तरह विजुअलाइज हो जाएगी और बिना प्रतिरोध के वो सब कुछ आप तक पहुँचाएगी, जिसके आप सपने देखते हैं। क्योंकि आपके विचार आपकी फ्रीक्वेंसी तय करते हैं और आपकी भावनाएं आपको तत्काल बता देती हैं कि आप किस फ्रीक्वेंसी पर हैं। इसलिए अपने अवचेतन मस्तिष्क को चमत्कार करने वाली फ्रीक्वेंसी पर सैट करें, तब आप भी चमत्कार करने लगेंगे। चाहे आपकी परिस्थितियाँ कितनी भी विपरीत क्यों न हों? या शिक्षा बहुत कम हो? या जीवन गरीबी में बीता हो? उसके बाद भी चमत्कार जरूर होगा। क्योंकि आप दुनिया के शक्तिशाली चुंबक हैं और ब्रह्मांड आपको वो सब कुछ देने के लिए तैयार है, जो आप चाहते हैं। हॉलीवुड हो या बालीवुड, राजनीति हो या रणनीति, स्कूल हो या कॉलेज, बिजनेस हो या नौकरी, उद्योग हो या व्यापार! चमत्कार हर क्षेत्र में होते हैं और उन्हें करने वाले आप जैसे ही लोग होते हैं। इसलिए आप भी चमत्कार कर सकते हैं क्योंकि चमत्कार होते नहीं, किये जाते हैं।
उम्मीद है तो चमत्कार जरूर होगा; पुस्तक का अधिक से अध्कि लाभ कैसे उठाया जा सकता है; आप भी कर सकते हैं चमत्कार; पहला अध्यायः विचारों का चमत्कार; दूसरा अध्यायः सोच का चमत्कार; तीसरा अध्यायः आदतों का चमत्कार; चौथा अध्यायः शब्दों का चमत्कार; पांचवा अध्यायः आत्मविश्वास का चमत्कार; छठा अध्यायः इच्छाशक्ति का चमत्कार; सातवां अध्यायः प्रेम का चमत्कार; आठवां अध्यायः संकल्प का चमत्कार; नौवां अध्यायः सृष्टि का चमत्कार; दसवां अध्यायः ईश्वर का चमत्कार; ग्यारहवां अध्यायः पाने का चमत्कार; लेखक के बारे में।