| ISBN: | 978-93-5012-875-6 |
| AUTHOR NAME: | Tarun Engineer |
| EDITION: | 2022 |
| BOOK CODE: | R-1846 |
| MEDIUM: | Hindi |
| FORMAT: | Paper Back |
| PAGES: | 192 |
| SIZE: | 5.5 × 8.5 inch |
| PUBLISHING DATE: | May 2016 |
60%
OFF MRP: Rs.195/-
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अवसर आपके भीतर छिपा है, लेकिन उसे पहचानना होगा! कहावत है कि कामयाबी सड़क पर पड़ी नहीं मिलती, उसे हासिल करने के लिए लक्ष्य साधना पड़ता है और अवसर को सफलता में बदलना पड़ता है। इसलिए अपनी जिंदगी के सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य के बारे में सोचिए और पता लगाइये कि भविष्य में आप क्या बनना चाहते हैं; क्योंकि बड़ी सफलता पाने के लिए यह अद्भुत समय है। आज जब पूरा विश्व मंदी की चपेट में है, तब भारत की अर्थव्यवस्था दिन प्रति दिन सुदृढ़ होती जा रही है और हर साल पाँच हजार नये मिलियनेअर बन रहे हैं। लेकिन जो नये मिलियनेअर बन रहे हैं, वे भी पहले आप जैसे ही थे, परन्तु उनकी इच्छाशक्ति बहुत तीव्र थी और वे अवसर को सफलता में बदलना जानते थे। इसलिए अपनी प्रेरणा के एक्सीलेटर पर पैर रखिए और इस पुस्तक को ध्यान से पढि़ए, क्योंकि बिजनेस गुरु तरुण इन्जीनियर आपको कुछ ऐसे गुरुमंत्र बताने जा रहे हैं, जिनके द्वारा आप अपनी अंदरूनी शक्तियों को जगा सकते हैं; आत्मविश्वास पैदा कर सकते हैं; चुनौतियों का सामना कर सकते हैं; और किसी भी क्षेत्र में बड़ी सफलता पा सकते हैं। इसलिए आक्रामक बनें और अवसरों का पीछा करें। क्योंकि वे आपको ढूंढने नहीं आएंगे, बल्कि आपको ही उन्हें ढूंढना होगा! लेकिन कैसे ढूंढना है? कैसे उनको अमल में लाना है? और कैसे उन्हें सफलता में बदलना है? इसका तरीका यह पुस्तक बताएगी, ताकि आप उस सपने को साकार करने की प्लानिंग कर सकें, जिसे आप अब तक देखते आए हैं।
सफल लोगों का अनुसरण करें; अवसर को सफलता में बदलने का रहस्य जाने; पहले खुद को परखें फिर आगे पढ़ें; पहला अध्याय : किस्मत को बदलने का संकल्प लें; दूसरा अध्याय : सकारात्मक सोच पैदा करें; तीसरा अध्याय : दिमाग की ताकत को पहचानें; चौथा अध्याय : आत्मा की आवाज सुनें; पांचवा अध्याय : भाग्य को बदलने का संकल्प लें; छठा अध्याय : दुनिया को बदलने की सोचें; सातवां अध्याय : सफलता पाने का लक्ष्य निश्चित करें; आठवां अध्याय : तूफानों से खेलने की आदत डालें; नौवां अध्याय : दिमाग रूपी कम्प्यूटर की री-प्रोग्रामिंग करें; दसवां अध्याय : व्यक्तित्व को निखारते रहें; ग्यारहवां अध्याय : आकाश को छूने की तमन्ना रखें; बारहवां अध्याय : गलतियों को सुधारते रहें; तेरहवां अध्याय : मंजिल तक पहुंचने का रास्ता ढूढें; चौदहवां अध्याय : चुनौतियों को स्वीकारते रहें; पंद्रहवां अध्याय : नई इबादत लिखने की प्लानिंग करें; सोलहवां अध्याय : असफल होने पर चिंतन करें; सत्राहवां अध्याय : हौसला बुलंद रखें; अठारहवां अध्याय : इतिहास रचने की तैयारी करें; लेखक के बारे में